2 शमुएल 13 में हम उस घटना की शुरुआत देखते हैं जिसके परिणामस्वरूप इस्राएल का शाही परिवार टूट गया। अपनी सौतेली बहन तामार के खिलाफ अपराध के बाद, अम्नोन ने उसका तिरस्कार किया और उसे अपने पास से भगा दिया। अबशालोम – तामार के भाई – ने दो साल तक अपनी नाराजगी को छुपाकर रखा; और अंततः तामार के हमलावर, अम्नोन को मारकर अपना बदला लिया!

राजा दाऊद को यह बताया गया था कि बेतशेबा के साथ उसके पाप के कारण उसके घर पर विपत्ति आएगी – अर्थात् तलवार उसके परिवार से कभी नहीं हटेगी। और इस पूरी समस्या की जड़, बेतशेबा के साथ दाऊद के व्यभिचार से शुरू हुई… और अब उसका गुजरा हुआ अतीत उसे परेशान करने वापस आ गया है!!!


In Chapter 13, we see the beginning of the scandal that would result in the royal family falling apart. Following his offense against his half-sister Tamar, Ammon, instead of loving her, despised her, and sent her away. Absalom – Tamar’s brother – harbors his resentment for two years; and ultimately takes his revenge by killing Tamar’s attacker, Amnon.

King David was told that his sin with Bathsheba would cause calamity in his own house – the sword would never leave his family. The roots of the problem go back to David’s adultery with Bathsheba… and now his past mistake has come back to haunt him!!